➤ भाई दूज का पर्व इस बार तीन शुभ योगों में मनाया जा रहा है
➤ विशाखा नक्षत्र, आयुष्मान योग और शिववास योग बना रहे हैं मंगल संयोग
➤ भाई-बहन के स्नेह के इस पावन दिन पर बाजारों में मिठाई व उपहारों की रही चहल-पहल
भाई दूज 2025 का पर्व इस वर्ष गुरुवार 23 अक्टूबर को पूरे देश में बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी आयु, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं।
बरेली के पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार इस बार भाई दूज पर तीन शुभ योग — विशाखा नक्षत्र, आयुष्मान योग और शिववास योग बन रहे हैं, जो इस पर्व को अत्यंत मंगलकारी बना रहे हैं। शास्त्रों में इन योगों को अति शुभ और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इन योगों में किए गए तिलक और पूजा से भाई-बहन दोनों का भाग्य चमकता है और जीवन में उन्नति के नए द्वार खुलते हैं।
इस दिन भगवान शिव कैलाश पर्वत पर मां गौरी के साथ विराजमान रहेंगे, इसलिए शिववास योग में शिव परिवार की पूजा करना विशेष फलदायक माना गया है। साथ ही भगवान चित्रगुप्त की पूजा भी परंपरागत रूप से की जाती है। लोग इस दिन कलम-दवात और लेखनी की पूजा कर ज्ञान, विवेक और सौभाग्य की कामना करते हैं।
पूजन विधि:
भाई दूज के दिन बहनें रोली, चंदन, अक्षत, दीपक, मिठाई और नारियल से सजी थाली तैयार करती हैं। भाई को पूर्व या उत्तर दिशा में बिठाकर तिलक किया जाता है और आरती उतारी जाती है। इसके बाद भाई-बहन मिठाई खिलाकर उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।
शुभ मुहूर्त:
भाई दूज का शुभ समय सुबह 6:19 बजे से दोपहर 1:21 बजे तक रहेगा। वहीं चौघड़िया शुभ काल शाम 4:09 से 5:34 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 1:21 से 2:45 बजे तक रहेगा, इस दौरान पूजा से बचने की सलाह दी गई है।
बाजारों में रही रौनक:
भाई दूज के मौके पर बुधवार देररात तक मिठाई और उपहारों की दुकानों पर भीड़ रही। बहनों ने भाइयों के लिए उनकी पसंदीदा मिठाइयां खरीदीं, तो भाइयों ने भी मोबाइल, ईयर बड्स, जूलरी, फोटो फ्रेम और चॉकलेट हैम्पर जैसे उपहार खरीदे। मेवा लड्डू, नवरत्न लड्डू और मल्टीग्रेन लड्डू की बिक्री खूब हुई। मिठाई व्यापारी देवेंद्र कुमार के अनुसार इस बार ओवन बेक्ड मिठाइयों की मांग सबसे ज्यादा रही। नारियल की कीमत भी बढ़कर 550 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
भाई दूज का यह पर्व न केवल रिश्तों को और गहरा करता है, बल्कि समाज में प्रेम और एकता का संदेश भी देता है।



